पटाखो कि दुकान से दूर हाथों मे, कुछ सिक्के गिनते मैने उसे देखा... एक गरीब बच्चे कि आ…
चलो आज एक पेंटिंग बनाते हैं, शहर की भीड़ से कुछ दूर, एक गाँव बनाते हैं, फिर गाँव मे…
रोज का खाना बनाने वाली माँ हमें याद रहती है, लेकिन जीवन भर के खाने की व्यवस्था करने …
ईश्वर आज अवकाश पर है, न मंदिर की घंटी बजाइये, न मस्जिद की सीढ़ियों पर जाइये। जो बैठ…
एक लड़के की कहानी दोस्तों मैं सुनाता हूँ, बदनसीबी किसे कहते है ये आपको बताता हूँ। सी…
Often the love that happened in school, college remains confined in the pages of book…
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं। उस घर में जहां से आधुनिकता की आंधी ना गुजरी हो अभी त…
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